भारतीय संविधान में भारत को ‘राज्यों के संघ’ के रूप में संबोधित किया गया है। इसके विपरीत संविधान में कहीं भी महासंघ या फेडरेशन (फेडरेशन ) शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। संघवाद सत्ता का वह स्वरूप है जहां सत्ता एक से ज्यादा स्तरों पर बटी होती है। भारत में यही व्यवस्था है, और इसी के चलते यहां सत्ता का बंटवारा केंद्र और राज्य के स्तर पर किया गया है। सहकारी संघवाद में केंद्र व राज्य एक-दूसरे के संबंधों में एक-दूसरे के सहयोग से अपनी समस्याओं को हल करने का प्रयास करते हैं। सहकारी संघवाद की इस अवधारणा में यह स्पष्ट किया जाता है कि केंद्र और राज्य में से कोई भी किसी से श्रेष्ठ नहीं है।

गुना पुलिस ने पकड़ी 58 लीटर अवैध कच्ची शराब

स्कूल के जर्जर भवन में पढ रहे छात्र-छात्राएं प्रभारी बोले-अधिकारियो को दी है जानकारी

छह कीटनाशकों की रिपोर्ट मिली, 2 अमानक पाए गए

श्रावण माह में गोपाल मंदिर में राधा रानी समिति की महिलाओं ने बनाए पार्थिव शिवलिंग

राजस्थान के ग्रामीणों से गुना मे धोखाधड़ी

गुना जिले के जन अभियान परिषद में महर्षि अरविंद जी की जयंती के अवसर पर उड़ीसा से स्नेह यात्रा से पधारे स्वामी भगवत आनंद सरस्वती जी जिनकी अमृतवाणी सुनकर सभी छात्र हुए प्रफुल्लित

जिला गुना हरिपुर के शासकीय विद्यालय का निरीक्षण के दौरान देखा गया कि छात्रों की वेशभूषा एवं अनुशासन हमारे लिए एक उदाहरण है ग्रामीण स्तर होने के बावजूद भी हरिपुर ग्राम के प्रचार महोदय ने अनुशासन एवं स्वच्छ वातावरण बना रखा है

गुना जिले की बमोरी लॉक में हितग्राही लाभार्थी सम्मेलन के आयोजन में उत्तर प्रदेश के विधायक श्रीमान जी अनिल मौर्य एवं मंत्रिमंडल सदस्य तेज सिंह लोढ़ा एवं किरण कौर सभी लोग उपस्थित रहे

यूपी के चार विधायकों को मिली गुना की जिम्मेदारी