मध्यपरदेश के खंडवा से मनीषा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि उनका आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बना है। मोबाइल वाणी इस समस्या का समाधान करे

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मध्यप्रदेश के खंडवा से सिमा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहा है। आयुष्मान कार्ड बनवाने में मोबाइल वाणी उनकी मदद करें

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मध्यप्रदेश के खंडवा से हमारे श्रोता रिंकी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि उनका श्रम कार्ड नहीं बन रहा है। मोबाइल वाणी श्रम कार्ड बनवाने में मदद करें

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पित्र प्रधान देश होने का एक कारण यह भी है कि महिलाओं में साक्षरता साक्षरता की दर 65% और पुरुषों में 82% है जबकि कई जगहों पर महिलाओं का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर होता है लेकिन फिर भी आगे की उच्च पढ़ाई के लिए उनके दरवाजे बंद होते हैं क्योंकि माता पिता अपने लड़के और लड़की दोनों को बराबर खर्च करने की जगह लड़कों पर ज्यादा खर्च करना पसंद करते हैं मानसिकता को बदलना होगा

राजनीतिक और वैधानिक दर्जे को ऊंचा उठाने और शिक्षा तथा रोजगार के अवसर को बढ़ाने की जो मांग नारियों के द्वारा लगातार की गई इन आंदोलनों को नारीवादी आंदोलन कहा जाता है

लैंगिक मुद्दे यानी लैंगिक असमानता का आधार विस्तृत और पुरुष की जैविक बनावट ही नहीं है बल्कि इन दोनों के बारे में प्रचलित रूढ़ छवियां और स्वीकृत सामाजिक मान्यताएं भी है