मैं सुबोनी बेसरा संथाली चिराग वाणी रिपोर्टर चकाई जमुई (बिहार) रेहमा गांव के मालो दीदी से मिली हूं। मालो दीदी से जैविक खाद एवं रासायनिक खाद के बारे में यह जानकारी मिला कि रासायनिक खाद खेत में डालने से खेत खराब हो जाती है और उपजाऊ भी नहीं होती है इस प्रकार खेती करने से हमारे स्वास्थ्य पर भी हानी पहुंचता है जैविक खाद से खेती करना पसंद करते हैं सभी लोग जैविक खाद का उपयोग करें जोहार धन्यवाद
बड़की दीदी चकाई जमुई (बिहार) से मनरेगा के बारे में सुने हैं कि सरकार की ओर से मनरेगा का काम मिलता है 100 दिनों का लेकिन हम लोग को अभी तक काम नहीं मिला है तरीका क्या है किस तरह से मिल सकता है मनरेगा का काम
मेरा नाम सुबोनी बेसरा संथाली चिराग वाणी रिपोर्टर चकाई जमुई (बिहार)से मनरेगा के संबंध में गांव वालों के साथ चर्चा करना। इससे यह पता चला कि गांव वाले को मनरेगा के बारे में जानकारी नहीं है और इन लोगों को मनरेगा से जुड़ा कोई भी कार्य नहीं दिया जाता है। ये लोग जंगल से लकड़ियां लाकर मार्केट में बेचा करते हैं यही काम करते हैं।
मेरी भी आवाज़ सुनो कार्यक्रम के तहत सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में जानकारी दी गई। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बेटियों के लिए कई वित्तीय योजनाओं का प्रावधान है।
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कोरोना ने हमें एक बहुत गंभीर सबक सिखाया और वो ये है कि हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति पूरी ईमानदारी रखनी होगी। कोरोना से बचने के लिए सरकार ने हर कदम पर सुरक्षा के नए इंतेज़ाम सुनिश्चित किये और हर आयु वर्ग के लोगों के लिए कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए टीकाकरण की व्यवस्था की और टीकाकरण का यह अभियान सफल भी रहा। पिछले साल 16 मार्च 2022 को सरकार ने 12 से 14 साल तक के बच्चों को भी कोरोना का टीका लगवाने का फैसला किया।
बिहार राज्य के जमुई जिला के चकाई प्रखंड से रिंकी हांसदा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं उन्होंने सुना है कि मनरेगा में 100 दिनों का काम दिया जाता है लेकिन उन्हें मनरेगा में कोई काम नहीं दिया जा रहा
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कई राज्य सरकारों द्वारा खेत में पोखर और तालाब बनवाने सम्बंधित योजनाएं चलाई जा रही है।इसके अंतर्गत अनुदान की भी व्यवस्था की गई है
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