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सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की क्षमता बढ़ा सकते है।ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार कहानी, तो रिकॉर्ड करें फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
बिहार राज्य के नालंदा जिला के नूरसराय प्रखंड से संभु प्रसाद मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि मोबाइल से बच्चों को नुकसान होता है। आज कल के बच्चों को माता के द्वारा मोबइल पकड़ा दिया जाता है ताकि वे अपना काम आराम से करते रहें इससे बच्चें मोबाइल के आदि हो जाते है
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा मछली पालन से जुड़ी जानकारियाँ दे रहे है कि किसानों को किस तरह मछली के स्वास्थ्य का ध्यान रखना है । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
बिहार राज्य के जिला नालंदा से शम्भू प्रसाद , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि , विपक्ष में हमने सुना है कि यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक स्थिति है । यदि कोई विरोधी नहीं है और काम मनमाने ढंग से किया जाएगा और योजनाएं अपने तरीके से बनाई जाएंगी , तो लोकतंत्र की नहीं , बल्कि राजशाही की झलक दिखाई देगी । भविष्य में ऐसा लगता है कि इस पर उसी तरह शासन किया जाएगा जैसे हिटलर ने किया था क्योंकि जनता भी जाग नहीं रही है , जनता भी पसंद कर रही है कि राजनेता क्या कर रहे हैं जबकि जनता इस लोकतंत्र की मालिक है । जब तक जनता इस महत्व को महसूस नहीं करती कि हम मालिक हैं और वे हमारे सेवक हैं , तब तक कोई जागृति नहीं होगी और यह इस लोकतंत्र के लिए शर्म की बात है कि जनता सर्वोपरि है । हां , उन्हें कुछ नहीं मिलता , बस कुछ टुकड़े या मान लीजिए कि अगर पांच किलोग्राम अनाज पेट भर देता है , तो इसका राजनीतिकरण करें और हमारी राय है कि विपक्ष लोकतंत्र के लिए बहुत कुछ है । यह आवश्यक है और विपक्ष भी होना चाहिए , लेकिन आजकल पलटू का युग है , आज इस पार्टी में , कल उस पार्टी में , गाँव में देखें या शहर में देखें , तो इस तरह से काम राजनेताओं और जनता द्वारा थोड़ी सी राशि के लिए किया जा रहा है । यह लोकतंत्र का नुकसान है ।
