यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो रेल मंत्रालय द्वारा निकाली गयी सब इंस्पेक्टर के 452 पदों पर कार्य करने के लिए इच्छुक है ।इन पदों पर वेतनमान 35400/.रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। इन पदों के लिए वैसे उम्मीदवार आवेदन कर सकते है, जिन्होंने किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री प्राप्त किया हो । इन पदों पर आवेदन करने के लिए आयु सीमा 20-28 वर्ष रखी गई है। साथ ही आवेदनकर्ताओं का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षण , शारीरिक दक्षता परीक्षण और शारीरिक माप परीक्षण तथा दस्तावेज़ सत्यापन पर आधारित होगा।अधिक जानकारी के लिए आप इस वेबसाइट पर जा सकते हैं वेबसाइट है www.rpf.indianrailways.gov.in .याद रखिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 मई 2024 रखी गयी है।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा किसानों को आम की फसल में गमोसिस रोग नियंत्रण हेतु जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
उत्तरप्रदेश राज्य के हरदोई ज़िला से मुकेश ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मैं कुछ भी कर सकती हूँ कार्यक्रम इन्हे पसंद आ रहा है। जो भी इस कार्यक्रम में किरदार है वो बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे है।
उत्तरप्रदेश राज्य के हरदोई ज़िला से श्रवण ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इन्हे मोबाइल वाणी के कार्यक्रम तन मन और हम ,मैं कुछ भी कह सकती हूँ आदि बहुत पसंद आ रहा है
झारखण्ड राज्य के रांची ज़िला से प्रिंस ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहते है कि किशोरावस्था किसे कहते है ?
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ अशोक झा प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दे रहे हैं।विभिन्न कृषि पद्धति अपनाकर अलग अलग फसलों को बिना रसायन के उपजाया जा सकता है और उपज भी अच्छी होती है, इसकी पूरी जानकारी सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
आज जब लोग कई प्रकार की परेशानी और ,तनाव से गुजर रहे है ,तो ऐसे में हँसने हँसाने का कोई एक ज़रिया की ज़रुरत बहुत महसूस होती है। हँसी मन में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।विश्व भर में मई महीने के पहले रविवार को विश्व हास्य दिवस मनाया जाता है।दोस्तों ,हंसता हुआ चेहरा आपकी शान बढ़ाता है और हंसकर किया हुआ काम आपकी पहचान बढ़ाता है.ऐसे में इस दिन अकेले-अकेले नहीं बल्कि दोस्तों के साथ हंसे. हर काम हंसी-हंसी करने से जिंदगी तो अच्छी लगने ही लगती है, साथ ही कई बीमारियां भी अपने आप छू-मंतर हो जाती हैं. आप सभी को विश्व हास्य दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
बिहार राज्य के जिला नालंदा से तुफैल अहमद , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि सरकार, कंपनी अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर सकती है। कोवीड के बाद कई लोगों की जान गई है। सरकारें और जांच एजेंसियां इसे बिल्कुल भी ध्यान में नहीं रखती हैं।
बिहार राज्य के नालंदा जिले से प्रिंस ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कविता सुनाया। कविता का शीर्षक है - ये भारत वर्ष हमारा है
