बिहार राज्य के जिला नालंदा से अशोक चौहान , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि नेता लोग ऐसी हैं जो जी. एस. टी. के नाम पर, किसी और के नाम पर और किसी और पिछड़ी जाति के नाम पर, फिर ये लोग आपस में फूट डालते हैं और फिर यहाँ से वोट की राजनीति शुरू होती है। तो एक तरफ जातिवाद को खत्म करने की बात है और दूसरी तरफ जातिवाद का सर्वेक्षण किया जा रहा है और फिर उन्हें अलग करने और अलग से बाहर लाने की कोशिश की जा रही है क्योंकि वहां जातिवाद के प्रवेश दर को मिलाने का क्या मतलब है? आपको समझ नहीं आता कि जिस गरीब व्यक्ति को आरक्षण दिया गया है, वह गरीब व्यक्ति क्यों है जिसे आरक्षण दिया गया है और अन्य आम जातियां गरीब क्यों नहीं हैं। भले ही कई लोग गरीब हों, लेकिन कई लोगों के लिए उनकी आय भी कम हो सकती है, तो उन्हें आर्थिक देश के नाम पर आरक्षण क्यों दिया जाता है।

बिहार राज्य के जिला नालंदा से शम्भू प्रसाद , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि राजनीतिक दल अपने वोट बैंक का उपयोग करके जनता को धोखा देते हैं। वोट देने के बाद कोई भी कोई काम नहीं करता है , राजनीतिक दल केवल वोट लेने तक सीमित हैं। व्यवस्था इस तरह होना चाहिए की बाहर से आये लोगों को नागरिकता उचित तरीके से मिले।

बिहार राज्य के जिला नालंदा से शम्भू प्रशाद , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है गर्मी बहुत बढ़ गया है। ठण्ड वाले फल खाएं ,कहीं भी बाहर जाएँ तो पानी पीकर निकले। बाहर जब निकले तब तौलिया लेकर निकले।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा जैविक कीटनाशक ब्यूवेरिया बेसियाना के बारे में जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

महिलाओं के मामले में, भूमि अधिकारों की दृष्टि से कई चुनौतियाँ होती हैं। भारतीय समाज में, महिलाएं अक्सर अपने परिवार और समुदाय के साथ रहती हैं और उन्हें भूमि अधिकारों की पहुँच से दूर रखा जाता है। सामाजिक प्रतिष्ठा, संस्कृति और कानूनी प्रवृत्तियाँ ऐसे होती हैं जो महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर सकती हैं। इसके अलावा, ऐसे कई सामाजिक तौर तरीके और मान्यताएँ हैं जो महिलाओं को भूमि के मामलों में उनके अधिकारों की प्राप्ति में अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तो दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों क्यों ज़रूरी है और उसका क्या महत्व हैं? *----- महिलाओं को भूमि अधिकारों तक पहुंचने में कौन सी बाधाएं आती हैं? *----- महिलाओं के सशक्त होने के लिए समाज का उनके साथ खड़ा होना ज़रूरी है लेकिन ऐसा किस तरह हो सकता है? *----- आपके हिसाब से महिलाओं के सशक्त होने से समाज में किस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं?

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इस भीषण गर्मी से बचना है तो इन बातों का हमेशा ध्यान रखना है। नियमित रूप से पानी पीना, भोजन में पौष्टिक तत्व और ठंडी चीज़ों को शामिल करना और हल्का भोजन करना। अगर आपने इस भीषण गर्मी से बचने के लिए कोई खास तरीका अपनाया है या फिर अपने भोजन में किसी तरह की कोई खास चीजें शामिल की हैं, जिससे कि इस भीषण गर्मी में कुछ राहत मिल सके, तो अपने ये उपाय सभी के साथ जरूर बांटें।

महाराष्ट्र राज्य के नागपुर से अशोक ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि गन्ना किसानी में जो महिलाएँ काम करती है ,उन्हें हर अधिकार मिलना चाहिए क्योंकि वो भी बराबर काम करती है। महिलाओं को उनका नैतिक अधिकार मिलना चाहिए

मानव जीवन में योग का बहुत बड़ा योगदान है। योग से न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है बल्कि नियमित योग करने से कई तरह की बीमरियों से निजात भी मिलती है। पहली बार 21 जून 2015 को योग दिवस मनाया गया और तब से लेकर हर वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। इस साल यानि 2024 का थीम है " स्वयं और समाज के लिए योग". योग दिवस को बड़े स्तर पर मनाने का मुख्य उद्देश्य है लोगों को योग के जरिये स्वस्थ और निरोगी जीवन के प्रति जागरूक करना। तो ,साथियों आइए आज योग दिवस पर हम खुद से वादा करें कि जीवन में जितनी भी व्यस्तता और चुनौतियां हो, अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करेंगे और जीवन को उत्साह से भर कर शरीर, मन एवं आत्मा को स्वस्थ रखेंगे।

आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे हमारे श्रोताओं की राय की उन्हें यह कार्यक्र्म सुन कर क्या लाभ हुआ।