बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के चंडी प्रखंड के लालगंज से रूपा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से माया देवी से बात कर रही है। ये कहती है कि महिलाएं समूह से पैसा लेकर रोजगार कर रही है। महिलाओं को जमीनी अधिकार मिलना चाहिए। भविष्य में जमीन लेंगी तो ये अपने नाम से लेंगी

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के नूरसराय ज़िला से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से स्कूल में नल जल योजना के तहत सही से नहीं हुआ। या तो पानी पाइप स्कूल तक गया ही नहीं या बीच में पाइप फट जाने से बच्चे गन्दा पानी पी रहे है। वार्ड पांच में नल जल योजना के तहत पानी का पाइप फट गया है ,जिससे लोगों को गन्दा पानी मिल रहा है। शिकायत करने पर कार्यवाही नहीं की गई

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा धान की खेती में अजोला से क्या क्या लाभ होते हैं उसके बारे में जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें .

बिहार राज्य के जिला नालन्दा से शम्भू प्रसाद , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि अगर महिला को जमीन पर हक़ मिलता है तो उनका घर में अस्तित्व बढ़ जायेगा आज पुरुष समाज चाहते है की महिला को अधिकार नहीं मिले। सभी कहते है अर्धांगिनी है इसका मतलब है उनको सभी चीज़ों में आधा हिस्सा मिलना चाहिए। उनको अधिकार मिलना चाहिए

भारत जैसे देश में महिलाओं की स्थिति का थोड़ा सा अंदाजा इन आंकड़ों से भी लग सकता है। आजादी के महज चार सालों बाद साल 1951 में भारत की कुल साक्षरता दर केवल 18.3 फीसदी थी, इसमें से महिलाओं की साक्षरता दर 9 फीसदी से भी कम थी। वहीं, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के डाटा के अनुसार साल 2021 में देश की औसत साक्षरता दर 77.70 प्रतिशत थी जिसमें पुरुषों की साक्षरता दर 84.70 प्रतिशत, जबकि महिलाओं की साक्षरता दर 70.30 प्रतिशत थी। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि आजादी के बाद से अब तक महिलाओं की साक्षरता दर में वृद्धि हुई है। दोस्तों, *----- आपको क्या लगता है कि महिलाओं के प्रति हो रहे भेदभाव की क्या वजह हैं, "*----- महिलाओं के पास भी भूमि अधिकार हों! इस नज़रिए से हमारे कानूनों और नीतियों में आपको क्या कोई कमियां नज़र आती हैं? *----- महिलाओं को भूमि का अधिकार मिले , इसे हासिल करने के लिए हमारे कानूनों के नीतियों में ऐसे कौन से बदलाव होने चाहिए जिससे महिलाओं के लिए भूमि अधिकार पाना कुछ आसान बन सके?"

जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है?

बिहार राज्य के नालंदा जिला के नूरसराय प्रखंड से शम्भू प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बचपन मनाओ बढ़ते जाओ के तहत जो कार्यक्रम चल रहा है वह बहुत अच्छा लगा। इसमें बताया गया कि बच्चों के साथ सय्यम भाव से पेश आना चाहिए। बच्चों के साथ गुस्सा करने से उनके मष्तिष्क पर असर पड़ता है। यह जानकारी बहुत अच्छा लगा। साथ ही उन्होंने बताया की बच्चों के साथ प्यार का भाव रखना चहिये। क्योकि बच्चे जैसा देखते है वैसा ही सीखते हैं

बिहार राज्य के नालंदा जिला के नूरसराय प्रखंड से शम्भू प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बचपन मनाओ बढ़ते जाओ के तहत जो कार्यक्रम चल रहा है वह बहुत अच्छा लगा। उन्होंने बताया कि बच्चों पर गुस्सा नहीं करना चाहिए। अगर बच्चे से कोई गलती हो जाये तो उसे प्यार से समझाना चाहिए

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के चंडी प्रखंड से माधवपुर बाजार से रूपा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नीलम देवी से हुई। ये कहती है कि महिलाओं के नाम से जमीन होना चाहिए। खेती बाड़ी करेंगी तो उन्हें फायदा होगा। इनके घर में इनकी सास के नाम से जमीन है

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के चंडी प्रखंड से माधवपुर बाजार से रूपा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अंजलि कुमारी से हुई। ये कहती है कि महिलाओं को शिक्षित होना ज़रूरी है। शिक्षित महिला रहेगी तो भविष्य में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी ।शिक्षित महिला का समाज में सम्मान होता है। महिलाओं का जमीनी अधिकार होना चाहिए ।