बिहार राज्य के जिला नालंदा के चंडी ब्लॉक से रूपा कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नीतू देवी से हुई। नीतू देवी यह बताना चाहती है कि महिला गरीबी चक्र को शिक्षित होकर तोड़ सकती है। वह पढ़ - लिख कर कुछ रोजगार कर सकती है जिससे वह गरीबी चक्र को तोड़ सकती है। महिला के नाम से जमीन होना चाहिए। उनके नाम से जमीन है।

बिहार राज्य के जिला नालंदा के चंडी ब्लॉक से रूपा कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से बिबाति से हुई। बिबाति यह बताना चाहती है कि महिलाओं को शिक्षित होना चाहिए। अगर शिक्षित नहीं होगी तो बच्चों को कैसे शिक्षित करेंगी। महिला को जमीन पर अधिकार होना चाहिए।

बिहार राज्य के जिला नालंदा के चंडी ब्लॉक से रूपा कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सागर से हुई। सागर यह बताना चाहते है कि लड़कियों को शिक्षित होना चाहिए। उनको अधिकार मिलना चाहिए। जिससे लडकियां आगे बढ़ सकती है।

बिहार राज्य के जिला नालंदा के चंडी ब्लॉक से रूपा कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रिंकू से हुई। रिंकू यह बताना चाहते है कि महिला को शिक्षित होना चाहिए। जिससे वह कोई रोजगार कर सकती है। महिलाओं के नाम से जमीन होना चाहिए। महिला रोजगार करके गरीबी चक्र को तोड़ सकती है।

बिहार राज्य के जिला नालंदा के चंडी ब्लॉक से रूपा कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से दिनेश से हुई। दिनेश यह बताना चाहते है कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार होना चाहिए। इससे उनको रोजगार मिलेगा। महिला को शिक्षित होना चाहिए। शिक्षित हो कर वह रोजगार कर सकती है।

बिहार राज्य के जिला नालंदा के चंडी ब्लॉक से रूपा कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सोनी देवी से हुई। सोनी देवी यह बताना चाहती है कि महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी है। वह शिक्षित होगी तो अपना काम कर सकती है। बेटा और बेटी में भेद - भाव नहीं होना चाहिए। दोनों को पढ़ाना - लिखाना चाहिए। जमीन पर महिला और पुरुष को बराबर अधिकार मिलना चाहिए। उनका सास का नाम से जमीन है।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा बाजरा की फसल की निगरानी व उचित सिंचाई के बारे में जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें .

दोस्तों, भारत में विविधता की कोई कमी नहीं है। यहाँ के विभिन्न राज्य, जिलों और गांवों में भिन्न-भिन्न सांस्कृतिक, भाषाई और भौगोलिक विशेषताएं हैं। ये भिन्नताएं जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करती हैं और विशेष रूप से महिलाओं की स्थिति को भी प्रभावित करती हैं।भारत के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता में भारी अंतर है। शहरी और विकसित क्षेत्रों में जहां स्कूलों और शिक्षा संस्थानों की संख्या अधिक है और सुविधाएं बेहतर हैं, वहीं ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों की कमी और सुविधाओं की अनुपलब्धता के कारण शिक्षा प्राप्ति में असमानताएं देखने को मिलती हैं। दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- भारत के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह की असमानताएं है, जिसमे खेती किसानी भी एक है। यहाँ आपको किस तरह की असमानताएं नज़र आती है। *----- महिलाओं को कृषि और अन्य ग्रामीण उद्यमों में कैसे शामिल किया जा सकता है?

माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.

बिहार राज्य के नालंदा जिला के चंडी प्रखंड से रूपा कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से संगीता सिन्हा से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को जमीन का अधिकार मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने बताया कि महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी है।