बिहार राज्य के जिला नालंदा के हिलसा ब्लॉक से कुमारी आकांक्षा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से जयप्रकाश प्रसाद से हुई। जय प्रकाश प्रसाद यह बताना चाहते है कि महिला के नाम से जमीन होना चाहिए। ससुराल में भी महिला का नाम से जमीन की रजिस्ट्री किया जाना चाहिए। कई लोग यह सोचते है कि महिला तलाक देकर चली जाएगी इसीलिए पुरुष जमीन पर हिस्सा नहीं देना चाहते है।

बिहार राज्य के जिला औरंगाबाद से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से गुड़िया कुमारी से हुई। गुड़िया कुमारी यह बताना चाहती है कि महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं के नाम से जमीन की रजिस्ट्री होना चाहिए।

"आपका पैसा आपकी ताकत" कार्यक्रम के अंतर्गत आज की कड़ी में हम जानेंगे, पैसों के बचत से जुड़ी विस्तृत जानकारियां ।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के नूरसराय प्रखंड से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि प्रत्येक पंचायत प्रखंड में जमीन का सर्वे किया जा रहा था ,उसका लोग विरोध कर रहे थे।क्योंकि कानूनी हक़ जो महिलाओं को दिया गया था ,उसको धरातल पर नहीं उतारा गया था। किसी पिता ने ,किसी भाई ने अपनी बेटी व बहन को जमीन में हिस्सा नहीं दिया। बकास भूमि में पहले से लोगों ने कागज़ात नहीं बनवाया लेकिन जमीन मालिक पहले से मालगुज़ारी दे रहे है। इस अनुसार मालिकाना हक़ जमीन मालिक का होना चाहिए। पर अधिकारियों द्वारा इसमें बंदरबांट किया गया। यह शुरू से वंशावली और जमीन मामला में होता आ रहा है

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के नूरसराय प्रखंड से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि नल जल योजना ध्वस्त निकला। धरातल पर योजना का लाभ नहीं पहुँचा। जगह जगह पाइप फटा हुआ है जिससे अशुद्ध जल पीने को लोग विवश है। इसीलिए पानी उबाल कर पिये। लोगों की ही गलती के कारण पर्यावरण बिगड़ा है। वन पशु भटक रहे है और लोगों पर हमला कर रहे है। गर्मी हो या बरसात का मौसम ,लोगों को अपना बचाव खुद करना चाहिए।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रियांशु कुमार से हुई। रियांशु कहते है कि महिलाओं को विकास के लिए उन्हें खुद का रोजगार करना चाहिए।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से पियूष कुमार से हुई। पियूष कहते है कि महिलाओं को विकास के लिए उन्हें खुद का रोजगार करना चाहिए।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से कोमल कुमारी से हुई। कोमल कहती है कि महिलाओं को बेहतर जीवन जीने के लिए उन्हें खुद का रोजगार करना चाहिए।

इस कार्यक्रम में हम जलवायु परिवर्तन के कारण बदलते मौसम और असमान बारिश के पैटर्न से उत्पन्न हो रहे जल संकट पर चर्चा करेंगे। "मौसम की मार, पानी की तकरार" से लेकर "धरती प्यासी, आसमान बेपरवाह" जैसे गंभीर मुद्दों पर गहराई से विचार किया जाएगा। हम समझेंगे कि कैसे सूखा और बाढ़ दोनों ही हमारे जल संसाधनों को प्रभावित कर रहे हैं, और इन समस्याओं से निपटने के लिए सामूहिक और व्यक्तिगत स्तर पर क्या समाधान हो सकते हैं। हम आपसे जानना चाहते हैं – आपके इलाक़े में पानी की क्या स्थिति है? क्या आपने कोई जल संरक्षण के उपाय अपनाए हैं? या आप इस दिशा में कोई क़दम उठाने की सोच रहे हैं?

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