दिल्ली के खजूरी खास से नज़मा बेग मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि इन्होने मोबाइल वाणी पर मालिकाना हक़ के लिए एक रेकॉर्डिंग डाली थी।जिसके बाद इनके भाइयों ने उस रिकॉर्डिंग को सुना और कई लोगों ने भी इनके भाइयों को नज़मा को प्रॉपर्टी में हक़ देने के लिए कहा।जिसके बाद इनके भाइयों ने इनको प्रॉपर्टी में हक़ दे दिया। भाइयों ने इनको जमीन में भी हिस्सा दिया और घर में रहने के लिए जगह दिया। इनलोगों का टोटल बीस बीघा जमीन है और तीन लोगों में बांटा जायेगा। जिसमे से नज़मा का भी हिस्सा होगा।नज़मा को यह मोबाइल वाणी एप्प अच्छी लगी है। इनके भाई ने इनको ससुराल में भी जमीन में हक़ लेने के लिए सलाह दिया। वह ससुराल में भी जमीन में हक़ लेंगी ताकि वह बच्चों को अच्छी तरह पढ़ा लिखा सके
दिल्ली से खुशबु मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि उन्होंने मोबाइल वाणी सुना और उन्हें जानकारी मिली की पिता की सम्पत्ति पर बेटी का भी अधिकार उतना ही होता है, जितना की उसके भाई का। इस जानकारी को सुनने के बाद खुशबु ने अपने पिताजी से जमीन में हिस्सा देने की बात कही। खुशबु के पिताजी ने कहा की भाई से बात करते हैं। जब भाई से बात की गई तो भाई ने नाराज हो कर कहा की तुम्हारी शादी में हमने बहुत खर्च किया है। अब जमीन में क्यों हिस्सा दें। ये सब सुनने के बाद खुशबु ने अपने परिवार वालों से कहा अगर हमें हिस्सा नहीं मिलेगा तो हम कोर्ट का सहारा लेंगे। इस बात को सुनने के बाद पिताजी और भाई ने खुशबु को जमीन में हिस्सा देने का फैसला किया। अब खुशबु का भी नाम उनके पिताजी के जमीन में डलवाया गया है
दिल्ली के जहांगीरपुरी से दुर्गेश ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ममतेश के साथ साक्षात्कार लिया। ममतेश ने बताया कि ये चार भाई-बहन हैं। दो भाई और दो बहन हैं। इनकी मम्मी का देहांत 2020 में हुआ था।मृत्यु से पहले इनकी मम्मी ने सम्पत्ति का बंटवारा कर दिया था। बंटवारे के अनुसार इनके भाइयों के नाम दिल्ली के दो घर एवं ममतेश और उनकी बहन के नाम गांव के घर मिले।इनको और इनकी बहन को बहुत अच्छा लगता है यह सोच कर कि इन्हें भी पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा मिला है।सम्पत्ति मिलने से इनका भविष्य सुरक्षित हो गया है।साथ ही कभी बच्चों को लेकर घूमने -फिरने का मन करता है तो,ये सबको लेकर गांव चली जाती हैं।
दिल्ली के जहांगीरपुरी से श्रमिक वाणी रिपोर्टर सुनीता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से 65 वर्षीय मिथलेश से साक्षात्कार लिया।मिथलेश ने बताया कि इनकी संतान नहीं हुई तो इनके पति ने दूसरी शादी कर ली।जिसके बाद इन्होने अपनी बहन की बेटी को गोद ले लिया और जब इनकी बहन की बेटी बड़ी हो गई तो किसी मुस्लिम लड़के से विवाह कर लीं और इनको घर से निकाल दिया। अब मिथिलेश किराए के घर में रही हैं। मिथलेश की मुलाक़ात मोबाइल वाणी में कार्यरत दुर्गेश से हुई और वह अपने साथ घटी घटनाओं को दुर्गेश के साथ साझा किया। जिसके बाद दुर्गेश ने इनकी मदद की और कोर्ट से इनका सारा सामान और प्रॉपर्टी वापस कराया। आज वह खुद के प्रॉपर्टी में रह रही हैं। इसके लिए इन्होने दुर्गेश को धन्यवाद दिया।
दिल्ली के जहांगीरपुरी से श्रमिक वाणी रिपोर्टर रुक्मिणी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सबीना से साक्षात्कार लिया।सबीना ने बताया कि इनकी शादी हुए दस से बारह साल हो गए हैं।इनके ससुराल वाले इनको बहुत परेशान करते थे।साथ ही पति भी मारपीट करते थे। ससुराल से प्रताड़ित होकर सबिना मायके आ गई। मायके में को इनको भाइयों का साथ मिला। भाइयों ने बहुत मदद की और एक फ्लोर रहने के लिए दे दिया। वर्तमान में ये अपनी बेटी के साथ वहां रहती हैं।मोबाइल वाणी में कार्यरत दुर्गेश मैम ने इनकी मुसीबत में बहुत मदद की।हर संभव सहायता और सपोर्ट उपलब्ध करवाया इसके लिए इन्होने दुर्गेश को धन्यवाद दिया।
