Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Comments


Transcript Unavailable.
Download | Get Embed Code

Nov. 8, 2020, 11:31 p.m. | Location: 10: JH, Dhanbad, Baghmara | Tags: personal expressions  

छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंद गांव से वीरेंदर गन्धर्व जो एक दृष्टिबाधित शिक्षक हैं , झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से रहीम जी का दोहा प्रस्तुत किए हैं।दोहा के माध्यम से एक संदेश मिला कि अपनी मन की दुखों को लोगों के साथ साझा करने से अच्छा अपने मन में ही रख कर भूलने का प्रयास करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंद गांव से वीरेंदर गंधर्व झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कबीर दास जी का एक दोहा को प्रस्तुत करते हुए बता रहे हैं की प्रेम ही हमारे जीवन की पूँजी हैं। दुनिया को अलविदा कहने के बाद प्रेम ही अमर रहता हैं, धन दौलत का कोई महत्व नहीं रहता हैं ।

गर्मी के दिनों में लगातार बढ़ते तापमान के साथ ही आग लगनी की घटनाओं में बढ़ोत्तरी होती रहती है। इसी घटना को मोबाइल वाणी के द्वारा कविता के रूप ,में दर्शा रहे है, हमारे एक श्रोता राधू राय जी, जो झारखण्ड राज्य के धनबाद जिले अंतर्गत महुदा ग्राम के निवासी है।